
दुर्ग। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, दुर्ग द्वारा कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर दुर्ग के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। भोजनावकाश के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी छह सूत्रीय मांगों के संबंध में शासन का ध्यान आकर्षित किया।
ज्ञापन सौंपने वालों में शिक्षक फेडरेशन के राजेश चटर्जी, प्रांतीय महामंत्री विजय लहरे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदीप चौहान, जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव, जिला सचिव शिवदयाल धृतलहरे, शिक्षा विभाग के संयोजक सुखेन्द्र देवांगन, धर्मेन्द्र देशमुख, पशु चिकित्सा विभाग के संयोजक सुरेश साहू, डी.एस. भारद्वाज, स्वास्थ्य संयोजक एवं जिलाध्यक्ष पंकज राठौर, राकेश सिंह, अशोक गुप्ता, मोतीराम खिलाड़ी, निर्मला रात्रे, संजय साहू, चतुर यादव, प्रवीण रात्रे, जुवेल लकड़ा, वेदप्रकाश, यशवंत साहू, रविकांत परगनिहा, अनिल दुबे, राहुल सिरमौर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
संघ ने बताया कि प्रबंधकारिणी के निर्णय एवं विभिन्न कर्मचारी संगठनों की सहमति के आधार पर कर्मचारियों के हित में घोषित ‘मोदी की गारंटी’ को लागू करने की मांग की गई है। ज्ञापन में प्रमुख रूप से 1 जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता राज्य के सभी कर्मचारियों एवं पेंशनरों को देने, डीए एरियर्स को जीपीएफ खाते में समायोजित करने तथा महंगाई राहत प्रदान करने की मांग शामिल है।
इसके अलावा कर्मचारियों के लिए घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा के नियम तत्काल जारी करने, सेवानिवृत्ति पर 300 दिनों के अवकाश नगदीकरण की व्यवस्था लागू करने, संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण करने, शिक्षक एलबी संवर्ग को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना का लाभ देने तथा अनुकंपा नियुक्ति में लागू 10 प्रतिशत की सीमा समाप्त करने की मांग भी उठाई गई।
संघ ने कहा कि यदि कर्मचारियों की लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में व्यापक आंदोलन की रूपरेखा पर भी विचार किया जा सकता है।













